Uri Encounter Case: जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी बाबर अली की जांच NIA को सौंपी गई

Uri Encounter Case: जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmi) के उरी से जिंदी पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी (Pakistani Atanki) बाबर अली (Babar Ali) की जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। बाबर अली वही आतंकी है जो भारत में पाकिस्तान (Pakistan) से हथियार सप्लाई करने आया था। भारतीय सुरक्षाबलों (Indian Security Forces) द्वारा उरी से पकड़े जाने के बाद उसने अपने कबूलनामा में कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने उसे भारत आने के लिए पैसों का लालच दिया था। जिसके बाद वह हथियार सप्लाई करने भारत आया था। उसे पाकिस्तानी आर्मी (Pakistani Army) द्वारा ट्रेनिंग दी गई थी।

मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था बाबर

भारतीय सुरक्षाबलों ने बाबर को उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास से एक मुठभेड़ (Encounter) के दौरान गिरफ्तार किया था। दरअसल, एलओसी पर संदिग्ध गतिविधियां देखे जाने के बाद सेना ने 18 सितंबर को एक अभियान शुरू किया था। 6 आतंकियों से एनकाउंटर शुरू होने के बाद 4 आंतकी वापस भाग गए, जबकि दो भारतीय क्षेत्र की तरफ आ गए थे। इनमें से एक आतंकी को सेना ने ढेर कर दिया था, जबकि दूसरे आतंकी (बाबर अली) को जिंदा पकड़ लिया।

लश्कर ए तैयबा आतंकी संगठन से जुड़ा है बाबर

अली बाबर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मौजूद ओकारा का निवासी है। इसकी उम्र करीब 19 साल है और यह लश्कर ए तैयबा आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है। बाबर ने पकड़े जाने के बाद खुलासा किया था कि पाकिस्तान में करीब तीन महीने उसे आतंकी ट्रेनिंग मिली थी। आतंकियों की घुसपैठ का मकसद 2016 के उरी जैसे बड़े हमले को अंजाम देना था।

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