नवाब मलिक और देवेंद्र फडणवीस के बीच आरोप-प्रत्यारोपों की जंग हुई तेज, दामाद ने पूर्व मुख्यमंत्री को भेजा कानूनी नोटिस

Nawab Malik vs Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) तथा वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) के बीच तेज़ी से बढ़ रहा आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला रुकने के नाम नहीं ले रहा है। बीते कुछ दिनों से दोनों एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाते तथा एक दूसरे के आरोपों का जवाब देते नजर आ रहे हैं।

देवेंद्र फडणवीस ने नवाब मलिक पर आरोप लगाते हुए कहा था कि- “नवाब मलिक द्वारा एलबीएस रोड (LBS Road) पर तीन एकड़ जमीन केवल 20 लाख रुपये में खरीदी गई थी। मुझे समझ नहीं आता कि उन्होनें मुंबई के अपराधियों से जमीन क्यों खरीदी?” इन आरोपों के साथ ही देवेंद्र फडणवीस ने अंडरवर्ल्ड और मुम्बई बम विस्फोट (Mumbai Bomb Blast) के दोषियों के मंत्री नवाब मलिक के साथ संबंध होने के आरोप लगाए थे।

नवाब मलिक ने यूं किया पलटवार

इन आरोपों के जवाब में मंत्री नवाब मलिक ने कहा था कि वह अंडरवर्ल्ड के साथ पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के संबंधों के सबूत सामने लाएंगे और उजागर करेंगे कि देवेंद्र फडणवीस सरकार में दुबई में बैठे एक डॉन के साथ तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) कैसे काम कर रही थी।

इसके अतिरिक्त ज़मीन खरीद से जुड़े आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री नवाब मलिक ने कहा था कि-” देवेन्द्र फडणवीस को जानकारी देने वाले व्यक्ति को खुद पूर्ण जानकारी नहीं है। गोवावाला कंपाउंड (Goawala Compound) के रूप में जानी जाने वाली उक्त भूमि 1984 में बनाई गई थी जहां एक आवासीय सहकारी आवास समिति आज भी मौजूद है। जब मैं पहली बार 1996 में विधायक चुना गया था तब उस भूमि परिसर में मेरा एक कार्यालय था। देवेंद्र फडणवीस को ठीक से जानकारी नहीं दी गई है।”

फडणवीस पर आरोपों की बाढ़

नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस के कारनामों को पर्दाफाश करने वाले अपने बयान के मद्देनज़र बुधवार को देवेंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि 8 अक्टूबर 2017 को राजस्व खूफिया निदेशालय ने बीकेसी मुंबई में 14.56 करोड़ रुपये के नकली नोट जब्त किए थे लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले को दबा दिया तथा केवल 8 लाख रुपये के नकली नोटों का मामला दर्ज किया, साथ ही नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाया कि राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा मामले में गिरफ्तार किए गए प्रमुख व्यक्ति हाजी अराफात शेख के भाई थे, जिन्हें बाद में फडणवीस सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया था।

नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस के दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के साथ संबंधों का दावा करते हुए आरोप लगाया कि फडणवीस ने दाऊद के सहयोगी रियाज भाटी (Riyaz Bhati) की मदद से एक वसूली रैकेट (Vasooli Racket) भी शुरू किया था। जिसके अंतर्गत रियाज़ भाटी को 2015 के फर्जी पासपोर्ट (Fake Passport) मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अब वह फरार है।

अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया निराधार

इसी के साथ नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस पर यह भी आरोप लगाए हैं की उन्होनें अपने शासन में अपराधियों को बचाने के लिए एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) की मदद भी ली है। देवेंद्र फडणवीस पर कई संगीन आरोप लगाते हुए नवाब मलिक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य की काले धन के व्यापार में कोई भी संलिप्तिति नहीं है।

संबंधित आरोप प्रत्यरोपों में हालिया मामला मंत्री नवाब मलिक के दामाद से जुड़ा हुआ है। मंत्री नवाब मलिक के दामाद ने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को मानहानि और उनपर लगाए गए झूठे आरोपों के लिए कानूनी नोटिस भेज दिया दिया है। कानूनी नोटिस भेजने के साथ ही नवाब मलिक के दामाद ने देवेंद्र फडणवीस पर मानसिक प्रताड़ना और वित्तीय नुकसान का आरोप लगाते हुए ₹5 करोड़ हर्जाने की मांग भी की है।

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