कल से शुरू है आस्था का महापर्व छठ, जाने शुभ मुहूर्त

    0

    New Delhi/AtulyaLoktantra : कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से ही देवी छठ माता की पूजा अर्चना शुरू हो जाती है और सप्तमी तिथि की सुबह तक चलती है. शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय होता है. इसमें व्रती का मन और तन दोनों ही शुद्ध और सात्विक होते हैं. इस दिन व्रती शुद्ध सात्विक भोजन करते हैं.

    शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना का विधान होता है व्रती सारा दिन निराहार रहते हैं और शाम के समय गुड़ वाली खीर का विशेष प्रसाद बनाकर छठ माता और सूर्य देव की पूजा करके खाते हैं. षष्टि तिथि के पूरे दिन निर्जल रहकर शाम के समय अस्त होते सूर्य को नदी या तालाब में खड़े होकर अर्घ्य देते हैं और अपने मन की कामना सूर्यदेव को कहते हैं.
    सप्तमी तिथि के दिन भी सुबह के समय उगते सूर्य को भी नदी या तालाब में खड़े होकर जल देते हैं और अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना करते हैं. आइए जानते हैं ये चारों तिथि किस दिन पड़ रही हैं और इन सभी दिनों के शुभ मुहूर्त क्या हैं.
    छठ पूजा का कैलेंडर-
    छठ पूजा नहाय-खाए (31 अक्टूबर)
    खरना का दिन (1 नवम्बर)
    छठ पूजा संध्या अर्घ्य का दिन (2 नवम्बर)
    उषा अर्घ्य का दिन (3 नवम्बर)
    पूजा के लिए शुभ मुहूर्त-
    पूजा का दिन- 2 नवंबर, शनिवार
    पूजा के दिन सूर्योदय का शुभ मुहूर्त- 06:33
    छठ पूजा के दिन सूर्यास्त का शुभ मुहूर्त- 17:35
    षष्ठी तिथि आरंभ- 00:51 (2 नवंबर 2019)
    षष्ठी तिथि समाप्त- 01:31 (3 नवंबर 2019)

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here