निकिता तोमर हत्याकांड: हथियार देने के आरोप में पकड़े गए अजहरुद्दीन का तौसीफ से संपर्क होने को साबित नहीं कर पाई पुलिस, इसलिए मिला संदेह का लाभ

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प्रदेश के चर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की कोर्ट ने मुख्य आरोपी तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुना दी और एक आरोपी बनाए गए अजहरुद्दीन को बरी कर दिया।

इस हत्याकांड के जजमेंट पर देश-दुनिया की नजर थी। लेकिन पूरे जजमेंट में कोर्ट ने किन-किन साक्ष्यों को आधार बनाया और हत्याकांड में किसकी कितनी भूमिका रही, हथियार सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए अजहरुद्दीन को किस आधार पर संदेह का लाभ मिला उस पर कई टिप्पणी की है।

रेहान को माना हत्याकांड का भागीदार
सीसीटीवी फुटेज को ध्यान से देखने और उसका रिसर्च करने के बाद कोर्ट ने यह पाया कि रेहान ही कार को चलाकर लाया था। यही नहीं हत्याकांड को तौसीफ द्वारा अंजाम दिए जाने के बाद भी वही कार चलाकर उसे लेकर भागा था। बचाव पक्ष के वकील अनीस खान ने दैनिक भास्कर को बताया कि कोर्ट ने अपने जजमेंट में इस बात का उल्लेख किया है कि रेहान को इस बारे में पहले से ही जानकारी थी कि तौसीफ ने हथियार ले रखा है। उसे यह भी पता था कि वह हत्या करने की योजना से अग्रवाल कॉलेज जा रहा है।

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