जानिए शिवसेना से शुरुआत करके कैबिनेट मंत्री बनने का सफर

नारायण राणे का पूरा नाम नारायण तात्या राणे है । नारायण राणे (Narayan rane) ने बुधवार को सूक्ष्य, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। नारायण राणे का सियासी करियर शिवसेना से शुरू हुआ था। नारायण राणे का जन्म 10 अप्रैल, 1952 को महाराष्ट्र में हुआ था। कहा जाता है कि 60 के दशक में नारायण राणे मुंबई के चेम्बूर इलाके में सक्रिय ‘हरया-नरया’ गैंग से जुड़े थे। उनके खिलाफ उस दौरान हत्या का एक मामला भी दर्ज हुआ था। उस दौरान ‘हरया-नरया जिंदाबाद’ नाम से एक फिल्म भी बनी थी। नारायण राणे के खिलाफ मुंबई की घटला पुलिस थाने में एक एफआईआर भी दर्ज हुई है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक नारायण राणे जब 14 साल के थे जब उनकी गिरोह से जुड़े एक अन्य सक्रिय सदस्य माधव ठाकुर ने बुरी तरह से पिटाई की थी। कुछ बड़ा होने पर राणे ने शिवसेना ज्वाइन की और शाखा प्रमुख बन गए। उसके बाद राणे शिवसेना से पार्षद बने।

नारायण राणे का राजनीतिक सफर

69 वर्षीय भाजपा नेता नारायण राणे का जन्म महाराष्ट्र के मुंबई (तब बॉम्बे) में हुआ। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत शिवसेना से की थी।

1985 से 1990: शिवसेना के पार्षद बने इसके बाद बेस्ट के अध्यक्ष बने।

1990-95: पहली बार विधायक बने। इसी बीच विधान परिषद के सदस्य भी बने।

1996-99: शिवसेना बीजेपी की सत्ता में राजस्व मंत्री बने। इसके बाद मुख्यमंत्री भी बने।

2005: उद्धव ठाकरे से मतभेद के बाद 3 जुलाई 2005 को शिवसेना छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस में भी राजस्व मंत्री बने।

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