Wednesday, February 1, 2023
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इजराइली फिल्म मेकर ने कश्मीर फाइल्स को वल्गर कहा: जिस कमेटी ने उन्हें जूरी हेड बनाया, उसमें करण जौहर-प्रसून जोशी

गोवा में 53वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFI) के समापन समारोह में इजराइली फिल्म मेकर के एक बयान के बाद बवाल मचा हुआ है। दरअसल, नदाव लैपिड (इजराइली फिल्म मेकर) ने सोमवार को ‘द कश्मीर फाइल्स’ को वल्गर और प्रोपेगेंडा फिल्म बता दिया। लैपिड जब ये बयान दे रहे थे, उस समय मंच पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी मंच पर मौजूद थे।

लैपिड के इस विवादित बयान के बाद उन्हें IFFI जूरी हेड बनाने वाली कमेटी भी निशाने पर आ गई है। लैपिड का नाम जूरी हेड के लिए जिन्होंने सुझाया था उनमें करण जौहर, प्रसून जोशी, मनोज मुंतशिर, खुशबू सुंदर, प्रियदर्शन, बॉबी बेदी, हृषिता भट्ट, निखिल महाजन, ​​​​​​रवि कोट्‌टाराकारा, सुखविंदर सिंह और वाणी त्रिपाठी जैसे दिग्गज शामिल हैं।

इजराइली राजदूत बोले- लैपिड को शर्म आनी चाहिए
इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने लैपिड के इस बयान पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई। गिलोन ने कहा- भारत की मेजबानी और दोस्ती के बदले लैपिड के बयान पर मैं शर्मिंदा हूं और माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा- लैपिड का बयान असंवेदनशील और अभिमान से भरा हुआ है। आपको शर्म आनी चाहिए।

अनुपम खेर और अशोक पंडित ने भी विरोध जताया​​​​​​​
लैपिड के बयान पर अभिनेता अनुपम खेर और फिल्म मेकर अशोक पंडित ने भी विरोध जताया है। खेर ने कहा कि भगवान उन्हें सदबुद्धि दें। पंडित ने कहा कि कश्मीर फाइल्स को अश्लील नहीं कहा जा सकता है। उधर फिल्म फेस्टिवल की जूरी ने भी इस बयान से दूरी बना ली है। जूरी ने कहा कि यह लैपिड की निजी राय है।

अनुपम बोले- झूठ सत्य के मुकाबले में हमेशा छोटा होता है..
अनुपम खेर ने कहा कि यदि कश्मीर में हुआ ये प्रलय सही है, तो कश्मीरी पंडितों का पलायन भी सही है। टूलकिट गैंग एक बार फिर एक्टिव हो गया है । यह पूरी तरह से प्री-प्लांड लगता है। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें। इससे पहले सोमवार की रात एक ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने फिल्म से जुड़ी कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें उन्होंने लिखा-

अशोक पंडित बोले- लैपिड की भाषा से आपत्ति
लैपिड का यह बयान सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। उनके इस बयान की कई लोगों ने निंदा की है। फिल्म मेकर अशोक पंडित ने कहा कि फिल्म के लिए इस्तेमाल की गई लैपिड की इस भाषा पर मुझे कड़ी आपत्ति है। 3 लाख कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार को चित्रित करना अश्लील नहीं कहा जा सकता। मैं एक कश्मीरी पंडित के रूप में इस बेशर्म बयान की निंदा करता हूं।

अनुराग ठाकुर जी, मैं एक कश्मीरी पंडित जिसने नरसंहार देखा है, मांग करता हूं कि हमारी त्रासदी को अभद्र बताने वाले नदाव लपिड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.”

एक्टर दर्शन बोले- फिल्म अश्लीलता पर नहीं, वास्तविकता पर है
एक्टर दर्शन कुमार ने भी फिल्म में अहम किरदार निभाया है। लैपिड के बयान पर उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म को देखने के बाद हर व्यक्ति की अपनी राय होती है। लेकिन इस फैक्ट से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कश्मीर फाइल्स एक ऐसी फिल्म है, जिसमें कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा के बारे में बताया गया है। ये लोग अभी भी आतंकवाद के खिलाफ न्याय के लिए लड़ रहे हैं। इसलिए यह फिल्म अश्लीलता पर नहीं, बल्कि वास्तविकता पर है।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा- पीएम मोदी, उनकी बीजेपी सरकार, दक्षिणपंथी इकोसिस्टम सबने मिलकर कश्मीर फाइल्स को प्रमोट किया। उस फ़िल्म को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ने खारिज कर दिया है। ज़्यूरी प्रमुख ने इसे प्रोपेगेंडा-भद्दा बताया है और इसे फिल्म फेस्टिवल के लिए अनुचित बताया।

कश्मीरी हिंदुओं की दर्दनाक कहानी
11 मार्च 2022 को रिलीज हुई फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ 1990 में हुए कश्मीर विद्रोह पर आधारित है। फिल्म में कश्मीरी हिंदुओं के पलायन और नरसंहार दर्दनाक की कहानी को दर्शाया गया है। अनुपम खेर, पल्लवी जोशी और मिथुन चक्रवर्ती जैसे स्टार्स ने लीड रोल निभाया है। कश्मीर फाइल्स ने अच्छा कारोबार किया था। इसने बॉक्स ऑफिस पर 290 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी।

PM मोदी ने फिल्म की तारीफ की थी
प्रधानमंत्री मोदी ने BJP संसदीय दल की बैठक में फिल्म की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसी फिल्में बनती रहनी चाहिए। इनसे सच उजागर होता है। फिल्म में जो दिखाया गया है, कश्मीर के उस सच को दबाने की कोशिश की जाती रही है। सब फ्रीडम ऑफ स्पीच की बात करते हैं। इस देश में इमरजेंसी जैसी बड़ी घटना हुई, लेकिन इस पर कोई फिल्म नहीं बनीं। क्योंकि सत्य को बताने का लगातार प्रयास नहीं हुआ।

Deepak Sharma
Deepak Sharma
इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी । आज के वक्त की आवाज सोशल मीडिया के महत्व को समझते हुए ही ऑनलाईन न्यूज़ वेब चैनल/पोर्टल को उन्होंने आरंभ किया। दीपक कुमार शर्मा की शैक्षणिक योग्यता B. A,(राजनीति शास्त्र),MBA (मार्किटिंग), एवं वे मानव अधिकार (Human Rights) से भी स्नातकोत्तर हैं। दीपक शर्मा लेखन के क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय हैं। लेखन के साथ साथ वे समाजसेवा व राजनीति में भी सक्रिय रहे। मौजूदा समय में वे सिर्फ पत्रकारिता व समाजसेवी के तौर पर कार्य कर रहे हैं। अतुल्यलोकतंत्र मीडिया का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सरोकारों से परिपूर्ण पत्रकारिता है व उस दिशा में यह मीडिया हाउस कार्य कर रहा है। वैसे भविष्य को लेकर अतुल्यलोकतंत्र की कई योजनाएं हैं।
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