कोरोना वायरस का बढ़ा खतरा, अब वैक्सीन की बूस्टर डोज देने की तैयारी

Coronavirus: देश में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामलों (Coronavirus Cases In India) की संख्या में तेजी देखी जा रही है। केरल में तो संक्रमण और तेजी से बढ़ रहा है, जिसके बाद तीसरी लहर की आशंका तेज हो गई है। जिसे देखते हुए देशभर के फ्रंटलाइन वर्कर्स (Frontline Workers) यानी डॉक्टरों को कोविड वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) की बूस्टर डोज देने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस संबंध में कोई फैसला कर सकती है।

आपको बता दें कि दुनियाभर में बीते काफी समय से कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की बूस्टर डोज (Booster Dose) देने पर विचार किया जा रहा है, इसके पीछे का तर्क ये है कि वैक्सीन लेने के बाद बनने वाली एंटीबॉडी (Antibodies) करीब 6 महीने के बाद कम होना शुरू हो जाती है। ऐसे में दोबारा एंटीबॉडी विकसित करने के लिए और कोरोना के खिलाफ सुरक्षकवर बनाने के लिए कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज देने पर विचार किया जाना चाहिए।

वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमित हो रहे स्वास्थ्यकर्मी

वहीं, दूसरी ओर कई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी बहुत से स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी डेल्‍टा वेरिएंट, जो काफी ज्यादा खतरनाक माना गया है, के चपेट में आ रहे हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों में कोविड-19 के गंभीर लक्षण नहीं देखे जा रहे हैं, लेकिन सावधानी के लिए इन्हें आइसोलेट किया जा रहा है।

कोविशील्ड और कोवैक्सीन की दी जाएगी बूस्टर डोज

अब इस बीच कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत में भी सभी स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की बूस्टर डोज देने की तैयारी की जा रही है। इस बारे में आईजीआईबी के निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बीच मेडिकल स्टाफ की किसी भी तरह की संभावित कमी को रोकने के लिए वैक्सीन की बूस्‍टर की शुरुआत करना जरूरी है। वहीं, आईसीएमआर की एक टीम बूस्टर डोज पर वैज्ञानिक अध्‍ययन करने का काम कर रही है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्यकर्मियों को कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन की बूस्‍टर डोज दी जाएगी।

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