अहमद पटेल के बचाव में उतरीं उनकी बेटी मुमताज, बोलीं- पिता के नाम में अभी भी है वजन, केंद्र ने क्यों नहीं चलाया मुकदमा ?

नयी दिल्ली। कांग्रेस के दिवंगत नेता अहमद पटेल पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लगाए गए आरोपों के बचाव पर उनकी बेटी मुमताज पटेल ने मोर्चा संभाला है। दरअसल, 2002 में हुए गुजरात दंगों को लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) का हलफनामा सामने आने के बाद अहमद पटेल पर आरोप लगाए जा रहे हैं। जिसको लेकर बेटी मुमताज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अहमद पटेल के नाम में अभी भी वजन है, इसीलिए उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने ट्वीट में लिखा कि मुझे लगता है कि उनका नाम अभी भी वजन रखता है। इसीलिए विपक्ष को बदनाम करने के लिए राजनीतिक साजिशों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपीए के वर्षों में तीस्ता सीतलवाड़ को पुरस्कृत और राज्यसभा सदस्य क्यों नहीं बनाया गया और केंद्र ने 2020 तक मेरे पिता पर इतनी बड़ी साजिश रचने के लिए मुकदमा क्यों नहीं चलाया ?

आपको बता दें कि एसआईटी ने गिरफ्तार कार्यकता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका का विरोध करते हुए एक हलफनामे में दावा किया कि वह 2002 दंगों के बाद राज्य सरकार को गिराने के लिए अहमद पटेल द्वारा रची बड़ी साजिश का हिस्सा थीं।

बचाव में उतरी कांग्रेस

अहमद पटेल का बचाव करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एसआईटी की ओर से अहमद पटेल के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं तथा यह 2002 के सामूहिक हत्या मामले में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की प्रधानमंत्री मोदी की एक व्यवस्थित रणनीति का हिस्सा है।

विपक्षी पार्टी ने एक बयान में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की राजनीतिक प्रतिशोध वाली मशीन उन लोगों को भी नहीं छोड़ती जो उनके राजनीतिक विरोधी रहे और अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह एसआईटी अपने राजनीतिक आकाओं की धुन पर नाच रही है और उसे जो कहा जाएगा वही करेगी।

भाजपा ने पूछा सवाल

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस के बयान को शरारतपूर्ण बताया और पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने सीतलवाड़ तथा अन्य आरोपियों की आलोचना की थी तो क्या वह भी दबाव में था। भाजपा नेता ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस तरह-तरह के इनकार करने वाले बयान तैयार कर रही है और तारीख बदलकर उन्हें जारी कर रही है।

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