देश में बाढ़ का कहर जारी, केरल के बाद उत्तराखंड पर टूटा आसमानी कहर, डूब गया नैनीताल का माल रोड

Nainital Mein Barish Ka Kahar : केरल में आई बाढ़ की स्थितियाँ अभी तक थमीं भी नहीं थी कि उत्तराखंड में बारिश (Uttarakhand Mein Barish) ने दोबारा से अपना कहर दिखा दिया। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश कहर बनकर बरस रही है। कुमाऊं में बारिश के कारण मलबे में दबकर अभी तक सात लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। मंगलवार सुबह नैनीताल जिले के रामगढ़ (Nainital Mein Badal Fatane Se Tabahi) में धारी तहसील में दोषापानी और तिशापानी इलाके में बादल फटने से भारी नुकसान दर्ज किया गया।

बादल फटने के चलते एक झोपड़ी गिरने से सात लोग मलबे में दब गए। जिसमें से अब तक दो शव बरामद किये जा चुके हैं। साथ ही चंपावत के तेलवाड़ में एक भूस्खलन (Champawat Mein Bhuskhalan) की चपेट में आने के चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है ।,प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी भी कुछ लोग मलबे में फंसे हुए हैं।

कोसी नदी में पानी बढ़ने से नदी के आसपास के मंदिरों के डूबने का ख़तरा बढ़ गया है । वहीं हल्द्वानी (Haldwani Mein Baadh) में गोला नदी में आई बाढ़ के चलते नदी पर बना पुल टूट गया जिसके कारण वहां आवागमन भी ठप्प हो गया है।

नैनीताल में भारी बारिश से माल रोड पर पानी भर गया है , जिसके चलते आवागमन ठप्प होने के हालात उत्पन्न हो गए हैं। आपको बता दें कि नैनीताल स्थित मालरोड वह जगह है , जहां पर्यटकों का आवागमन भारी संख्या में रहता है।

इसे नैनीताल के प्रमुख चौराहे या रोड (Nainital Mall Road) के रूप में देखा जाता है। वहीं दूसरी ओर कैंट रोड में पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण दुकानों के अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना की राहत टुकड़ी तैनात की गई है।

ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट का आरती स्थल जलमग्न

ऋषिकेश में गंगा नदी खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है । त्रिवेणी घाट के आरती स्थल समेत विभिन्न गंगा घाट जलमग्न हो गए हैं। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 340.30 मीटर पर पहुंच गया है जो कि चेतावनी निशान 340.50 मीटर से महज 20 सेंटीमीटर नीचे है। इस विषय सावधानी बरतते हुए केंद्रीय जल आयोग ने मैदानी जिलों को लेकर अलर्ट कर दिया है। हालात के मद्देनज़र रखते हुए भारतीय रेलवे ने उत्तराखंड जाने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी हैं।

प्रशासन की पहल

उत्तराखंड के करीब 12 जिलों में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (National Disaster Response Force – NDRF) ने देहरादून, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में एक-एक तथा चमोली, उत्तरकाशी और गदापुर में दो-दो राहत टीमों की तैनाती की है।

केरल में बाढ़ का कहर

केरल में बीते कुछ दिनों हुई बारिश ने बाढ़ का रूप ले लिया था, जिसके चलते केरल के कई तटवर्ती ज़िले ताबह हो गए थे । भूस्खलन के चलते सड़कें भी टूट गयी थी। केरल में भारी बारिश और बाढ़ के चलते अब तक कुल 26 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। भीषण बारिश को मद्देनज़र पठानमथिट्टा जिले में भारी बारिश होने के कारण केरल सरकार ने सबरीमाला तीर्थयात्रा पर 17-18 अक्टूबर के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।

ज़िला और प्रदेश आपदा प्रबंधन अभी भी हालात को काबू करने की कोशिश में लगा हुआ है, जिससे अभी भी बाढ़ के चलते मुश्किल हालात में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा कर उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए।

भारी बारिश से जान-माल का भारी नुकसान हो गया है। कई बांध टूटने के साथ ही पानी के तेज बहाव के चलते सैकड़ों गांव और कस्बे तक इस भारी बारिश की भेंट चढ़ गये हैं। शासन द्वारा अभी तक इस बारिश से हुए कुल नुकसान को आंका नहीं जा सका है। प्रशासन ज़रूरतमंदों को सहायता प्रदान करने में लगी हुई है।

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