बीजेपी संसदीय दल की बैठक में रणनीति पर चर्चा, विपक्ष के हंगामे के बाद हो रही है बैठक

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    New Delhi/Atulya Loktantra : संसद सत्र के दूसरे भाग की हंगामेदार शुरुआत हो चुकी है. सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ चुका है. पहले दिन विपक्ष सत्तापक्ष पर हमलावर रहा. विपक्ष लगातार लोकसभा और राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर बहस और गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा. दिल्ली हिंसा को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच जुबानी जंग जारी है. इस बीच, बीजेपी संसदीय दल की आज बैठक हुई.

    संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दल हित से बड़ा देश है और अगर मैं भारत माता की जय बोलता हूं तो मेरे ऊपर सवाल उठाया जाता है. हमको देश हित की लड़ाई लड़नी है. हमको देशहित को बड़ा रखना है. दल हित को पीछे रखना है.

    विपक्षी पार्टियां मंगलवार को फिर दिल्ली दंगों को लेकर संसद के दोनों सदनों में मामले को उठाएंगी. आम आदमी के सांसद संजय सिंह का कहना है कि सरकार दिल्ली दंगों पर चर्चा से क्यों भाग रही है, जब तक इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होती इस मुद्दे को हम उठाते रहेंगे. वहीं कांग्रेस भी चाहती है कि सरकार दिल्ली दंगों के मामले में चर्चा करें और प्रधानमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए.

    राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने दिल्ली हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया था. दिल्ली में हुई हिंसा के लिए आजाद ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया. आजाद ने कहा, “भड़काऊ भाषण देने का काम बीजेपी के नेताओं ने किया है, जिससे माहौल खराब हुआ. दिल्ली दंगों के पीछे केंद्र सरकार खुद थी.”

    इस बीच राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों ने सरकार से संसद में बहस कराने की मांग की. विपक्ष के कई सांसदों ने कहा कि इस समय इससे बड़ा कोई मुद्दा नहीं है. लिहाजा, सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष के कई सांसदों ने दोनों सदनों में कार्यस्थगन का प्रस्ताव दिया था.

    मगर सरकार ने विपक्ष की मांग को ठुकराते हुए कहा कि गृहमंत्री के इस्तीफे का तो सवाल ही नहीं उठता. इस मुद्दे पर बीजेपी प्रवक्ता और सांसद जीवीएल नरसिंहा राव ने साफ कहा कि दिल्ली हिंसा पर सरकार बहस करने को तैयार है, लेकिन विपक्ष को सरकार की बात सुननी होगी. राव के मुताबिक, “हम संसद को सड़क की तरह विपक्ष की बंधक बना देना नहीं चाहते.”

    सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने तय किया है कि अगर सदन में दिल्ली हिंसा पर चर्चा हुई, तो सरकार दिल्ली हिंसा को विपक्ष द्वारा प्रायोजित करार देगी और विपक्ष के इशारे पर उकसाने वाली कारवाई करार देगी. हालांकि इस मुद्दे पर मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक होगी, जिसमें इस मुद्दे पर अंतिम रणनीति बनाई जाएगी.

    गौरतलब है कि संसद के दूसरे चरण की बैठक 3 अप्रैल तक चलेगी. इस दौरान आम बजट को पारित करने की बाकी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा. बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई थी. बजट सत्र का पहला चरण 11 फरवरी को पूरा हो गया था.

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