Crypto Currency: क्रिप्टो में मामूली निवेश की भी सुरक्षा बेहद जरूरी, पिन नम्बर अपने नॉमिनी को जरूर दें

Crypto Currency: क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) में आज की मामूली रकम कुछ साल में कहां से कहाँ पहुंच जाएगी, कोई नहीं बता सकता। ऐसे में क्रिप्टो वॉलेट की सुरक्षा बहुत मायने रखती है।

अगर कोई क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) में पांच दस हजार रुपए डाल रहा है तो शायद कभी उसके मन में कभी ये विचार न आये कि उस रकम के लिए कोई सुरक्षा का इंतजाम कर ले। चूंकि रकम छोटी है सो ऐसा ख्याल शायद ही किसी को आएगा। लेकिन यही छोटी रकम कब रातों रात लाखों में तब्दील हो जाएगी, कोई नहीं जानता। ऐसे में हर एक को ये प्लान बना कर चलना चाहिए ताकि क्रिप्टो की तिजोरी हमेशा सुरक्षित रहे और किसी गलत हाथ न पड़ने पाए।

क्रिप्टो एकाउंट्स (crypto accounts) किसी पारंपरिक निवेश की तरह नहीं होते हैं। क्रिप्टो एकाउंट (crypto accounts) के साथ सुरक्षा का मसला हमेशा रहता है। आप क्रिप्टो एकाउंट (crypto accounts) में किसी को बेनेफिशरी या नॉमिनी नहीं बना सकते। ये एकाउंट सिर्फ आपके डिवाइस में होता है सो अगर अपने किसी को अपने क्रिप्टो वॉलेट का पासवर्ड और यूजर नेम दे दिया तो वह किसी भी क्षण ये वॉलेट खाली कर सकता है और किसी को पता भी नहीं चलेगा। और अगर आपने किसी के साथ पासवर्ड शेयर नहीं किया तो आपके साथ आपके क्रिप्टो भी हमेशा के लिए चले जायेंगे।

क्रिप्टो में ट्रेडिंग और उसका स्टोरेज एक वॉलेट में होता है। ये वॉलेट या तो किसी ऐप के जरिये या वेबसाइट पर मैनेज किया जाता है या फिर वॉलेट को किसी पेन ड्राइव में डाउनलोड कर लिया जाता है।

हॉट वॉलेट (hot wallet)

हॉट वॉलेट (hot wallet) क्रिप्टो खरीदने और ट्रेड करने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं। ये मुफ्त होते हैं और उयोग में आसान भी। लेकिन ये पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते क्योंकि ये हमेशा इंटरनेट से कनेक्ट रहते हैं। इनमें सभी क्रिप्टो ऐप शामिल हैं।

कोल्ड वॉलेट (cold wallet)

ये वॉलेट डाऊनलोड करके किसी डिवाइस में स्टोर कर लिए जाते हैं। इसे क्रिप्टो को फ्रीजर में रखने जैसा समझिए।

हॉट वॉलेट एक चेकिंग एकाउंट या करेंट एकाउंट की तरह होता है। जबकि कोल्ड वॉलेट एक फिक्स्ड एकाउंट (fixed account) की तरह है जिसमें लम्बे समय तक पैसा रखा जाता है। कोई भी यूजर दोनों एकाउंट एक साथ रख सकता है। जिसके पास एकाउंट का पासवर्ड और ‘की’ होती है उसे यूजर के क्रिप्टो तक निर्बाध पहुंच बनी रहती है। वो खुद यूजर या थर्ड पार्टी क्रिप्टो एक्सचेंज- कोई भी हो सकता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपने हॉट वॉलेट में उतनी ही रकम रखनी चाहिए जितना कि गंवाने पर कोई अफसोस न हो। क्योंकि एकाउंट कुंजी या ‘की’ को यूजर की बजाए थर्ड पार्टी एक्सचेंज कन्ट्रोल करता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स सेल्फ कास्टडिया हाइब्रिड विकल्प की सिफारिश करते हैं।

कोल्ड वॉलेट (cold wallet) पेन ड्राइव (pen drive) जैसी कोई छोटी डिवाइस हो सकती है। इसे एक्सेस करने के लिए पिन नम्बर चाहिए होता है। पिन अगर खो जाए तो उसकी रिकवरी के लिए कुछ सीक्रेट सवाल होते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोल्ड वॉलेट डिवाइस किसी बैंक लॉकर जैसी सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए। पिन नम्बर भी कहीं सुरक्षित जगह रखना चाहिए ताकि कोई उस तक पहुंच न सके। क्रिप्टो में निवेश करने वालों को ये इंतजाम कर लेना चाहिए कि किसी दुखद घटना की स्थिति में क्रिप्टो तिजोरी की चाभी किसी अपने को ही मिले। पश्चिमी देशों में तो वसीयत लगभग हर कोई करता है और अब क्रिप्टो पासवर्ड और पिन नम्बर भी वसीयतों में लिखे जा रहे हैं। कुछ क्रिप्टो एक्सचेंज ने ये व्यवस्था बना रखी है जिसमें यूजर की मौत होने की स्थिति में नॉमिनी इसकी सूचना देता है तो एकाउंट उसके नाम ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके लिए पावर ऑफ अटॉर्नी तथा मृत्यु प्रमाणपत्र देना होता है।

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