Coronavirus: देश में बीते 24 घंटे में मिले 30,800 मामले, डेल्टा वेरिएंट में हुए म्यूटेशन ने बढ़ाई चिंता

Coronavirus: देश में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Mahamari) के खिलाफ जंग जारी है। इस बीच बीते 24 घंटे 30,800 नए कोरोना के मामले (Corona Ke Mamle) दर्ज किए गए हैं। इस अवधि में सबसे ज्यादा मामले केरल से मिले हैं। केरल में एक दिन में करीब 19 हजार 653 नए मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि इस दौरान राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या में काफी गिरावट आई है।

वहीं, देशभर में कोरोना के साप्ताहिक मामलों में अच्छी खासी गिरावट भी दर्ज हुई है, जो कि राहत भरी खबर है। आंकड़ों के मुताबिक, कोविड-19 के वीकली मामलों में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। वहीं, 24 घंटों में 296 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि 43, 219 लोगों ने कोरोना को मात भी दी है। बता दें कि दुनिया में एक्टिव कोरोना केस के मामले में भारत अब 3,12,119 मामलों के साथ 8वें स्थान पर है। जबकि 3,34,77,819 केसेस के साथ कुल मामलों में दूसरे नंबर पर है।

डेल्टा वेरिएंट में हुए 25 म्यूटेशन

इस बीच एक चिंताजनक बात भी सामने आई है और वो ये है कि भारत में अब कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ गया है। हालांकि पहले कहा गया था कि अगर कोरोना का वेरिएंट म्यूटेंट नहीं होता है यानी अपना स्वरूप नहीं बदलता है तो भारत में तीसरी लहर आने की संभावना कम है, लेकिन डेल्टा-4 नामक कोरोना वेरिएंट के बाद यह खतरा बढ़ गया है। दरअसल, भारत में इस वेरिेएंट के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसे लेकर वैज्ञानिकों की ओर से अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।

वैज्ञानिकों की ओर से केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी गई है, जिसके मुताबिक, दूसरी लहर के बाद कोरोना वेरिएट में लगातार म्यूटेंट होता देखा गया है। केवल भारत में ही नहीं बल्कि अमेरिका, यूरोप समेत कई देशों में भी कोविड-19 वेरिएंट में म्यूटेशन हो रहा है। जिसके वजह से वायरस में और अधिक बदलाव होने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गाय है कि अकेले भारत में ही अब तक डेल्टा वेरिएंट में 25 बार म्यूटेशन हो चुका है और इससे संक्रमित मरीज मिल चुके हैं।

डब्ल्यूएचओ ने चिंताजनक श्रेणी में रखा

रिपोर्ट में यह साफ बताया गया है कि भारत में लगातार डेल्टा और डेल्टा से जुड़े अन्य म्यूटेशन हो रहे हैं, जिसकी वजह से देश में कोरोना की चिंताजनक स्थिति भी सामने आ सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में अधिकांश सैंपल में डेल्टा 4 यानी (एवाई.4) देखा जा रहा है। बताया गया है कि डेल्टा में अब तक 25 बार म्यूटेशन हुआ है, लेकिन इनमें से सबसे ज्यादा तेज डेल्टा-4 नामक म्यूटेशन लग रहा है। महाराष्ट्र और केरल में भी नए मामलों के लिए यही म्यूटेशन जिम्मेदार है। वैज्ञानिकों ने चेताया है कि कोरोना की आगामी लहर में डेल्टा में हो रहे इन म्यूटेशन की बड़ी भूमिका हो सकती है। वहीं, डब्ल्यूएचओ ने भी डेल्टा-4 वेरिएंट को चिंताजनक श्रेणी में रखा है।

वैक्सीनेशन के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत

कोरोना के लगातार बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए भारत में वैक्सीनेशन की रफ्तार और अधिक बढ़ाई जा रही है। जिसका नतीजा है कि अब तक देश में 60 करोड़ से अधिक व्यस्क को पहली डोज मिल चुकी है, जबकि इनमें से एक चौथाई ने दोनों खुराक ले ली है। बताया जा रहा है कि अब केवल 34 करोड़ लोगों को ही वैक्सीन की पहली खुराक लगाया जाना बाकी है। दरअसल, देश में 18 साल या उससे अधिक उम्र वाले लोगों की कुल आबादी 94 करोड़ है। वहीं, केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के आखिरी तक 18 साल से ऊपर उम्र वाले लोगों की आबादी को कम से कम कोरोना वैक्सीन की एक खुराद दे दी जाए।

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