केरल में कोरोना संक्रमण, वैक्सीन ले चुके लोग हो रहे बीमार

Corona Virus In Kerala: केरल (Kerala) में ऐसे काफी मामले आ रहे हैं जिनमें पूरी तरह वैक्सीनेट (Corona vaccination) हो चुके लोगों में कोरोना (Corona Virus Casesin Kerala) की पुष्टि हो रही है। वैक्सीन के बावजूद कोरोना संक्रमण (Corona infection) को ब्रेकथ्रू केस कहा जाता है। केरल में नए मामलों में बड़ा हिस्सा उन लोगों का है, जिन्हें वैक्सीन की दोनों खुराकें लग चुकी हैं। अच्छी बात ये है कि ऐसे लोगों में से बहुत कम को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है।

केरल में मिले कोरोना के इतने केस

केरल (Kerala) में 19 अक्टूबर से लेकर 2 नवंबर के बीच कोरोना के 1,19,401 नए मामले सामने आए थे। इनमें से 1,00,593 लोग वैक्सीन के लिए पात्र थे, जिनमें से 67,980 (57.9 प्रतिशत) लोगों को वैक्सीन की पहली या दोनों खुराकें लग चुकी थीं। वैक्सीन के पात्र 1,00,593 संक्रमित लोगों में 40,584 (34.9 प्रतिशत) पूरी तरह वैक्सीनेटेड थे जबकि 27,396 लोगों (22.9 प्रतिशत) को वैक्सीन की पहली खुराक लगी थी।

कोरोना वैक्सीन लेने के बाद भी लोग हो रहे बीमार

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज (Kerala Health Minister Veena George) ने बताया है कि ब्रेकथ्रू संक्रमण (corona virus update news) की पहले से ही आशंका थी। लेकिन पता चलता है कि कोरोना वैक्सीन (corona virus Vaccine) लोगों को गंभीर रूप से बीमार होने से बचा रही हैं। उन्होंने कहा कि बीते एक हफ्ते में 77,516 सक्रिय मामलों में से केवल 2 प्रतिशत को ऑक्सीजन बेड और 1.5 प्रतिशत को आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है। एक सर्वे में पता चला है कि केरल में संक्रमण की बजाय वैक्सीनेशन से इम्युनिटी (Emunity) प्राप्त हुई है। कई दूसरे राज्यों में संक्रमण फैलने से लोगों में एंटीबॉडी (Antibody) मिल रही थीं। जिन पूरी तरह वैक्सीनेटेड लोगों की मौत हो रही है, वो या तो बूढे हैं या दूसरी बीमारियों से ग्रसित हैं। जिन स्वास्थ्यकर्मियों को सबसे पहले वैक्सीन की पूरी डोज़ मिल चुकी है उनमें ब्रेकथ्रू संक्रमण पाया जा रहा है। ब्रेकथ्रू संक्रमण के लक्षण मध्यम होते हैं और सिर्फ टेस्टिंग के जरिये ही इसकी पुष्टि हो सकती है।

महाराष्ट्र में तीसरी लहर की अग्रिम तैयारी

कोरोना वायरस महामारी (Corona Virus mahamari) से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र संक्रमण (Corona infection in maharashtra) की तीसरी लहर के दौरान सक्रिय मामले 12 लाख तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है। केंद्र सरकार ने सक्रिय मामले आठ लाख तक पहुंचने का अनुमान लगाया है और राज्य सरकार इसके डेढ़ गुना अधिक के लिए तैयारी कर रही है। ऑक्सीजन प्लांट और दवाओं पर विशेष तौर पर जोर दिया जा रहा है।

अब लगेगी जायकोव-डी वैक्सीन

ओईस बीच केंद्र सरकार (Central government) ने जायकोव-डी वैक्सीन (Jaycov-D Vaccine) की एक करोड़ खुराकों का ऑर्डर दिया है। इसकी सप्लाई इसी महीने हो सकती है। ये वैक्सीन गुजरात स्थित फार्मा कंपनी जाइडस कैडिला ने डेवलप की है। इसकी तीन खुराक लगी जायेंगी। प्लास्मिड डीएनए प्लेटफॉर्म पर बनी जायकोव-डी को अगस्त में भारत में 12 साल से अधिक आयुवर्ग पर आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिली थी। देश में 18 साल से कम आयुवर्ग पर इस्तेमाल के लिए मंजूरी पाने वाली यह पहली वैक्सीन है और तीसरे चरण के ट्रायल में इसे 66.66 प्रतिशत प्रभावी पाया गया था। इसकी खास बात है कि इसे लगाने के लिए सुई वाले इंजेक्शन की जरूरत नहीं होगी। यह इंट्राडर्मल इंजेक्शन होगा, जिसे स्किन पर ऐप्लिकेटर के जरिए लगाया जाएगा। शरीर के अंदर जाने पर जायकोव-डी (Jaycov-D Vaccine) कोरोना जैसी स्पाइक प्रोटीन बनाएगी, जिन्हें पहचान कर इम्युन सिस्टम एंटीबॉडीज बनाना शुरू कर देगा। इन्हें वेरिएंट्स के हिसाब से बदला जा सकता है।

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