भड़काऊ बयान को लेकर जम्मू-कश्मीर में फैला सांप्रदायिक तनाव, कई जगह कर्फ्यू के बाद इंटरनेट सेवा भी बंद

जम्मू कश्मीर में भड़काऊ बयान को लेकर सांप्रदायिक तनाव का माहौल बन गया है। दरअसल, पूरा का पूरा मामला नूपुर शर्मा के विवादित बयान को लेकर है। बताया जा रहा है कि नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित भड़काऊ भाषण बाजी के बाद भद्रवाह इलाके में तनाव फैल गया। भड़काऊ भाषणों के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसके बाद से पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज किया गया। लोगों से कानून व्यवस्था को अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की गई। इसके बाद एहतियाती तौर पर डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं अफवाह फैलने से रोकने के लिए भद्रवाह और किश्तवाड़ में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक शहर के संवेदनशील इलाकों और घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

डाउनटाउन श्रीनगर में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यही कारण रहा कि शुक्रवार को सार्वजनिक के वाहन सड़कों से नदारद रहे। हालांकि, लाल चौक, बटमालू और आसपास के इलाकों में कार्यालय तथा स्कूल खुले होने के कारण सड़कों पर अन्य वाहन नजर आए। घाटी में फिलहाल किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है। वहीं, केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद जितेंद्र सिंह ने बुजुर्गों और समुदाय के प्रमुखों से इस मुद्दे को सुलझाने तथा सद्भाव बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की अपील की है। इससे पहले सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर एहतियाती तौर पर भद्रवाह में बृहस्पतिवार रात कर्फ्यू लगा दिया गया था। नुपुर शर्मा के खिलाफ भड़काऊ भाषण कथित तौर पर एक मस्जिद से दिया गया था। वहीं, एक अन्य घटना में किसी ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा किया था, जिससे तनाव और बढ़ गया। दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आगाह किया है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि भड़काऊ भाषण मामले में कार्रवाई की गई है। भद्रवाह थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295-ए और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह भद्रवाह में अप्रिय स्थिति से बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा कि मैं दोनों समुदायों के बुजुर्गों और प्रमुखों से विनम्रतापूर्वक अपील करता हूं कि वे पारंपरिक सद्भाव बनाए रखने के लिए एक साथ आएं, जिसके लिए खूबसूरत शहर भद्रवाह को हमेशा से जाना जाता है। सिंह ने कहा कि मैं लगातार डोडा के उपायुक्त (डीसी) विकास शर्मा और जम्मू के मंडलायुक्त (एसएसपी) रमेश कुमार के संपर्क में हूं। दोनों अभी भद्रवाह में मौजूद हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि उम्मीद करता हूं कि लोग संयम से काम लेंगे। जम्मू-कश्मीर में भद्रवाह और उसके आसपास फैले सांप्रदायिक तनाव के अलावा पहले से ही कई समस्याएं हैं। मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। मैं अपने पार्टी सहयोगियों से स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाने में मदद देने का आग्रह करता हूं।

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