पंजाब में कैप्टन को अभी और लगेंगे झटके, कई करीबियों को नहीं मिलेगी चन्नी कैबिनेट में जगह

Punjab Politics: पंजाब में मुख्यमंत्री(Chief Minister) पद से कैप्टन अमरिंदर सिंह(Captain Amarinder Singh) का इस्तीफा(Resignation) लेने के बाद अब उनके करीबियों के भी पर कतरने की तैयारी है। नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी(New Chief Minister Charanjit Singh Channi) के मंत्रिमंडल(Mantrimandal) के चेहरों को लेकर मंगलवार को दिल्ली में दिन भर मंथन का दौर चला। इस मंथन से साफ हो गया है कि कैप्टन के करीबियों को किनारे लगाने की तैयारी की जा रही है। अपने मंत्रिमंडल के विस्तार पर चर्चा करने के लिए चन्नी कल दोपहर दिल्ली पहुंचे थे।

चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे चन्नी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू(State Congress President Navjot Singh Sidhu) और दोनों डिप्टी सीएम भी थे। इन चारों नेताओं ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात की। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इन चर्चाओं के बाद तैयार नए मंत्रियों की सूची पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी जाएगी। वे ही सूची पर अंतिम मुहर लगाएंगी।

करीबियों को किनारे लगाने की तैयारी

चन्नी के मंत्रिमंडल पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस नेताओं की बैठक गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले पार्टी महासचिव वेणुगोपाल के आवास पर हुई। इस बैठक में पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत नागरा और प्रदेश कांग्रेस महासचिव परगट सिंह भी मौजूद थे। बैठक में मंत्रिमंडल को नया स्वरूप देने पर गहराई से चर्चा की गई।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि बैठक में हुई चर्चा से साफ है कि नए मंत्रिमंडल में कैप्टन के कई करीबियों को जगह नहीं मिलेगी। राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और गुरप्रीत सिंह कांगड़ जैसे कैप्टन के करीबियों को मंत्री पद खोना पड़ सकता है। इन दोनों प्रमुख चेहरों के अलावा कुछ और करीबी भी मंत्री की कुर्सी गंवा सकते हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के साथ ही मंत्री के पदों पर भी नए चेहरों को लाने की तैयारी चल रही है। इसके तहत नए मंत्रिमंडल में पांच नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं।

राहुल गांधी से भी चर्चा करेंगे चन्नी

बैठक में हिस्सा लेने वाले कांग्रेस के एक प्रमुख नेता का कहना है कि चन्नी मंत्रिमंडल में नए चेहरों को स्थान देने में सोशल इंजीनियरिंग का खासा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव लड़ना है। इस कारण मंत्रिमंडल को लेकर गहराई से मंथन किया जा रहा है। वेणुगोपाल के घर हुई बैठक के बाद इस मुद्दे पर राहुल गांधी से भी चर्चा की जाएगी। राज्य के जातीय समीकरण को देखकर ही इस बाबत अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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