भाजपा ने उठाए सवाल : जेड प्लस सिक्योरिटी के बीच रहती हैं ममता बनर्जी, फिर कैसे हो गया हमला?

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    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान ‘‘चार-पांच लोगों’’ द्वारा कथित रूप से धक्का दिये जाने की वजह से उनके एक पैर में चोट लगी है। घटना शाम सवा छह बजे उस वक्त घटी जब बनर्जी रियापारा इलाके में एक मंदिर में प्रार्थना के बाद बिरूलिया जाने वाली थीं।  ममता बनर्जी की हालत अब स्थिर है और चिकित्सक ‘सीटी स्कैन’ सहित कई और जांच करने की योजना बना रहे हैं ताकि चोटे कितनी गहरी हैं इसका पता लगाया जा सके। बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब वह कार में सवार हो रही थीं तो चार-पांच लोगों ने उन्हें धक्का दिया। ममता के चोट लगने के बाद से आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी लगातार भाजपा पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगा रही है। वहीं, भाजपा की ओर से यह कहा जा रहा है कि ऐसे मसलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

    भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वे (TMC) इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। हालांकि, हमारा मानना ​​है कि ऐसी घटनाओं का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि चुनाव आयोग राजनीतिक हिंसा को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम बंगाल में पर्याप्त केंद्रीय बल भेजेगा। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सहानुभूति हासिल करने के लिए यह ‘सियासी पखण्ड’ है। चुनाव से पहले, उन्होंने (ममता बनर्जी) नंदीग्राम में कठिनाइयों का सामना करने के बाद इस ‘नौटंकी’ की योजना बनाई। सिर्फ सीएम ही नहीं, वह पुलिस मंत्री भी हैं। क्या आप मान सकते हैं कि पुलिस मन्त्री के साथ कोई पुलिस नहीं थी? हालांकि इस मामले में चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब किया है। लेकिन सवाल यही है कि किसी मुख्यमंत्री के साथ ऐसा कैसे हो सकता है क्योंकि उनकी सुरक्षा में इस तरह की चूक का सवाल ही पैदा नहीं होता।

    ममता बनर्जी को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है जिसमें कुल 18 गाड़ियां रहती है। चार पायलट कार जो कि आगे रहती है। एडवांस सिक्योरिटी कार जिसमें डीएसपी स्तर के अधिकारी होते हैं। जेड प्लस सिक्योरिटी के काफिले में एडवांस पायलट कार होती है इसमें भी जिला पुलिस के सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी होते हैं। इसके बाद की पायलट कार में भी जिला पुलिस के सब इंस्पेक्टर होते हैं। इसके बाद बारी डायरेक्टर ऑफ सिक्योरिटी के कार की रहती है, फिर वीआईपी कार, फिर एसकॉर्ट 1 और 2, फिर जैमर। जैमर के बाद स्पेयर वीआईपी कार रहती है ताकि मुख्यमंत्री की गाड़ी ख़राब हो जाने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। पीछे प्रधान सुरक्षाकर्मी की गाड़ी रहती है, फिर 3 एस्कॉर्ट कार, फिर इंटरसेप्शन की दो गाड़ियां, फिर महिला पुलिस (लेडी कॉन्टिंजेंट), फिर एम्बुलेंस होती है।  इसके बाद तीन और सुरक्षाकर्मियों की गाड़ियां, टेल कार, लास्ट में स्पेयर इंटरसेप्शन कार।

    प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो जिस तरह से इस मामले को लेकर राजनीति की जा रही है और टीएमसी की ओर से भाजपा पर आरोप लगाए जा रहे हैं वैसा नहीं है। तभी भाजपा को भी इससे राजनीतिक लाभ लेने के संकेत मिल रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि गाड़ी का गेट खुला होने से ऐसा हुआ। ममता बनर्जी को किसी ने धक्का नहीं दिया। हालांकि, इस मामले के बाद से नंदीग्राम में भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच लगातार झड़प हो रही है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि फिलहाल इस मामले की जांच चुनाव आयोग कर रहा है और सच्चाई सामने आएगी। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह पुराना और सबसे एक्सपायर फॉर्म फार्मूला है जिसका इस्तेमाल ममता बनर्जी करना चाह रही हैं। टीएमसी की ओर से जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा पलटवार करेगी। लेकिन सवाल यही है कि क्या ममता बनर्जी की ओर से राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं क्योंकि जिस तरह की सुरक्षा उन्हें मिली हुई है उसके बाद से इस तरह की घटना की गुंजाइश कम रह जाती है।

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