बंगलुरु में हुआ हेल्थ सर्वे, 50 फीसदी लोग निकले डायबिटीज से पीड़ित

Bangalore News: बंगलुरु म्यूनिसिपल कारपोरेशन (Bangalore Municipal Corporation) के एक सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। घर-घर किये गए हेल्थ सर्वे (Health Survey) से पता चला है कि 50.44 फीसदी लोग डायबिटीज (diabetes) से पीड़ित हैं जबकि 37.35 फीसदी लोग हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure) के मरीज हैं।

बंगलुरु महानगर पालिका द्वारा किया गया ये सर्वे देश में अपने किस्म का पहला है। ये सर्वे 16 अगस्त को लांच किया गया था। बंगलुरु के 54 वार्डों में 6,37,571 घरों के 16,06,531 लोगों के बीच किये गए इस सर्वे का उद्देश्य विभिन्न स्वास्थ्य मानकों को तय करना है। सर्वे में जिन लोगों से बात की गयी उनमें से 1,17,554 लोगों में कोरोना के जोखिम को बढाने वाली बीमारियाँ पाई गई। 2.9 फीसदी लोगों में हाइपर थाइरोइड (hyper thyroid) की समस्या पाई गयी जबकि 2.12 फीसदी लोगों में ह्रदय रोग मिला। ये भी पता चला कि मात्र 3 फीसदी लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ है।

सर्वे में डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ (para medical staff) की 108 टीमें लगी गईं थीं जो 54 वार्डों में एक एक घर गए और वहां रहने वालों के स्वास्थ्य की जानकारी एकत्र की। सर्वे से पता चला है कि सिर्फ 68 फीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन की एक डोज़ लगी है जबकि मात्र 35 फीसदी को दोनों डोज़ लग चुकी हैं। इसके पहले महानगरपालिका ने दावा किया था कि 86 फीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन की एक डोज़ लग चुकी है।

बंगलुरु में कुल 198 वार्ड हैं और सर्वे की लॉन्चिंग के समय मंत्री और अधिकारीयों ने कहा था कि सभी वार्ड में सर्वे किया जाएगा लेकिन अभी इसका कोई संकेत नहीं मिला है। नगर पालिका के एक वरिष्ट अधिकारी का कहना है कि सभी वार्डों में सर्वे कराने की क्षमता नहीं है।

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की रिपोर्ट कहती है कि 2019 तक भारत में डायबिटीज के करीब 77 मिलियन मरीज हैं। जिनकी संख्या 2030 तक 101 मिलियन हो सकती है तो 2045 तक यह आंकड़ा 134.2 मिलियन को छू सकता है। 20-79 आयु वर्ग को होने वाली डायबिटीज के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है। चीन में 2019 तक 116.4 मिलियन डायबिटीज के मरीज हैं।

इंडिया फिट रिपोर्ट 2021 में बताया गया है कि हेल्थ रिस्क असेसमेंट (एचआरए) स्कोर के अनुसार 50.42 फीसदी या हर 2 में से 1 भारतीय हाई रिस्क या बॉर्डरलाइन श्रेणी में है। इसमें पिछले साल के आंकड़ों की तुलना में 12 फीसदी का सुधार है इससे पहले 62 फीसदी भारतीय अस्वस्थ श्रेणी में थे। महानगरीय शहरों में से कोई भी शीर्ष 3 स्वस्थ शहरों में नहीं है, भले ही उनके पास फिटनेस सुविधाएं और स्वास्थ्य केंद्रों तक अधिक पहुंच है।

चीन के बाद भारत में ही दुनिया के सबसे ज्यादा लोग डायबिटीज के शिकार हैं। डायबिटीज की राजधानी भारत में ऐसा माना जाता है कि 50 फीसदी लोगों को इस बात की खबर ही नहीं होती है कि वो इस बीमारी से ग्रस्त हैं।

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