कांग्रेस में छिड़े घमासान का फायदा उठाने में जुटी आप, केजरीवाल का दो दिवसीय पंजाब दौरा, करेंगे बड़े एलान

Arvind Kejriwal Ka Punjab Daura: पंजाब कांग्रेस में चल रही उठापटक और पार्टी नेताओं में उभरे मतभेदों के बीच आप के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर पंजाब (Arvind Kejriwal Punjab Visit) पहुंच रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के अचानक पद छोड़ने के बाद केजरीवाल का यह पहला पंजाब दौरा है।

बुधवार को वे लुधियाना में व्यापारियों के साथ चर्चा करके उनकी समस्याओं की जानकारी लेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2022) की रणनीति बनाएंगे। आप सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को केजरीवाल की ओर से पंजाब को लेकर बड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं।

चुनावी राज्यों पर केजरीवाल का फोकस

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल के दिनों में उन राज्यों में सक्रियता बढ़ा दी है, जिन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने हाल के दिनों में पंजाब, उत्तराखंड और गोवा आदि राज्यों का दौरा किया है। अभी तक वे उत्तर प्रदेश के दौरे पर नहीं पहुंचे हैं। मगर इसका कारण यह बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी उन्होंने संजय सिंह और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सौंप रखी है। पंजाब के हाल के दौरे में उन्होंने मुफ्त बिजली देने के साथ ही किसानों और व्यापारियों की समस्याएं सुलझाने की घोषणा की थी।

कांग्रेस में चल रही जबर्दस्त उठापटक के कारण केजरीवाल का मौजूदा दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आप को पंजाब में अपनी चुनावी संभावनाएं काफी अच्छी दिख रही हैं। कैप्टन और सिद्धू के बीच विवाद की शुरुआत के साथ ही केजरीवाल ने पंजाब में अपनी सक्रियता बढ़ा दी थी। अब कैप्टन और सिद्धू इन दोनों के इस्तीफे के बाद वे फिर पंजाब के दौरे पर पहुंच रहे हैं।

कांग्रेस में झगड़े का फायदा उठाएगी आप

पंजाब में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में आप उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। मगर वह मुख्य विपक्षी दल बनने में कामयाब हुई थी। 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने विधानसभा की 117 सीटों में से 77 सीटों पर जीत हासिल की थी। आप ने अकाली दल-भाजपा गठबंधन को पिछाड़ते हुए मुख्य विपक्षी दल बनने का तमगा हासिल किया था। अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 18 सीटों पर जीत मिली थी जबकि आप ने 20 सीटों पर कामयाबी हासिल की थी। हालांकि आम आदमी पार्टी को इससे ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी।

यही कारण है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आप ने अभी से ही कमर कसनी शुरू कर दी है । केजरीवाल का पंजाब पर विशेष रूप से फोकस है। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को मदद पहुंचाने में आम आदमी पार्टी ने बड़ी भूमिका निभाई है । पार्टी इसका भी फायदा उठाने में जुटी हुई है। दूसरी और पंजाब कांग्रेस में चले घमासान का चुनाव पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आप पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और झगड़े का सियासी फायदा उठाने में जुट गई है।

बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं केजरीवाल

पंजाब में आप के सह प्रभारी राघव चड्ढा का कहना है कि कांग्रेस में चल रहा झगड़ा पंजाब के लोगों के साथ मजाक के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस झगड़े के कारण पिछले कई महीनों से पंजाब में सरकार और प्रशासन के स्तर पर लोगों की भलाई के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस नेता केवल पद पाने और अपनी सियासत चमकाने में जुटे हुए हैं और जन समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि लोगों को अब कांग्रेस की सच्चाई का पता चल गया है। इसी कारण राज्य में कांग्रेस की विदाई का माहौल बनता दिख रहा है। उन्होंने केजरीवाल के दो दिवसीय पंजाब दौरे को काफी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अपनी यात्रा के दौरान केजरीवाल व्यापारियों के साथ समाज के अन्य वर्गों से जुड़े लोगों से मुलाकात करेंगे और आप की ओर से बड़ी घोषणाएं करेंगे।

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