यहां पार्क में नहीं श्मशान में सैर पर जाते हैं लोग

0

M.P/Atulyalokantra News : उम्र 72 साल। रोज सुबह श्मशान की सैर। ना किसी का साथ ना ही किसी की जरूरत। इसी जुनून के चलते बालाघाट के श्मशान की आबोहवा ही बदल दी। जहां से रोज लोग गुजरना तक पसंद नहीं करते उसी श्मशान में लोग सेहत सुधारने के लिए रोज सैर पर आते हैं। इंजीनियर रहते कभी बागवनी नहीं की, लेकिन सेवानिवृत्त के बाद ऐसा जुनून जागा कि मध्य प्रदेश के बालाघाट वैनगंगा नदी किनारे स्थित श्मशान घाट को ही हरा-भरा कर डाला। इनका नाम है डॉ. एनपी गाढ़े।

2000 में जल विभाग के इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त गाढ़े ने श्मशान के चार एकड़ जमीन पर 50 हजार से अधिक पौधे रोपे। डॉ. गाढ़े की दिनचर्या में रोजाना वैनगंगा नदी किनारे जागपुर घाट स्थित श्मशान घाट जाना शामिल है। सुबह उठकर उनका पहला काम श्मशान की सफाई करना और पेड़-पौधों को पानी देना है।

AdERP School Management Software

डॉ. गाढ़े के मुताबिक, पहले जब पौधरोपण किए गए तो पौधे पशुओं ने नष्ट कर दिए। इसके लिए उन्होंने ट्री गार्ड बनवाए। इसके बाद जितने पौधे रोपे गए, सबको ट्री- गार्ड लगवाया। पहले इसकी शुरुआत अकेले की थी, लेकिन अब कारवां बढ़ता चला गया। उनके इस कार्य से प्रेरित होकर 10 और लोग जुड़ गए और उनके काम में हाथ बढ़ाने लगे। इसकी वजह से पौधरोपण और देखभाल काम आसानी से होने लगा है।

ये आया बदलाव श्मशान घाट में जहां जाने में कभी लोग झिझकते थे, अब वहां लोग हर सुबह सैर-सपाटे के लिए जाने लगे हैं। इतना ही नहीं स्वच्छता के लिए उनके प्रयास से न केवल मुक्तिधाम गुलजार पार्क का रूप ले चुका है। बल्कि उनका यह प्रयास लोगों के लिए प्रेरणादायी भी बन गया है।

डॉ.एपी गाढ़े के अभियान में शामिल योगेश खैरवार, शिवकुमार रिनायत, गोविंद उपवंशी ने बताया कि वह डॉक्टर साहब के जुनून को देखकर आए हैं। वह 72 साल की उम्र में पौधे रोपने के लिए गड्ढे बनाने के लिए आगे रहते हैं। श्मशान में चांदनी, मोगरा, चंपा-चमेली जैसे फूल के पौधे भी रोपे गए हैं। इससे वहां का वातावरण सुगंधित रहता है। ऐसे बदलाव के बारे में किसने सोचा था।

मुफ्त होम्योपैथी का देते हैं इलाज
डॉ.गाढ़े 2000 से सेवानिवृत होने के बाद से होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से लोगों का इलाज कर रहे हैं। वह इसके लिए फीस नहीं लेते। वह अपने घर में मरीजों को देखते हैं।

अपनी सलाह दे (देश की आवाज)

Please enter your comment!
Please enter your name here