सब्जियों के गिरे भाव, जाने किसका क्या है रेट

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Faridabad/AtulyaLoktantra : शहर में पारा गिरने के साथ ही सब्जियों के दामों में भी गिरावट देखने को मिल रही है। पहले आसमान छूती कीमतों के कारण आम आदमी सब्जियां खरीदने में हिचकता था, लेकिन अब सब्जियां लोगों के किचन में फिर से लौट रही हैं। बाजार में सब्जियों की सप्लाई बढऩे से इनकी कीमतों में भी 30-40 फीसद की गिरावट आई है। पिछले एक महीने में तेज सप्लाई के चलते मंडी के साथ ही रिटेल बाजार में भी सब्जियों के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। मटर, गाजर और धनिया के दाम में तो जमीन आसमान का अंतर दिख रहा है।

मटर और गाजर की मंडी में भरमार है। पहले 80 रुपये किलो में बिक रहा मटर अब 25 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं गाजर अब 10 रुपये प्रति किलो के करीब बिक रही है। बंद गोभी के दाम तो आधे ही हो गए हैं। पिछले महीने 25 रुपये किलो बिक रही बंद गोभी इन दिनों 10-12 रुपये प्रति किलो में बिक रही है। रविवार को डबुआ सब्जी मंडी में आलू और प्याज पांच-छह रुपये प्रति किलोग्राम बिके। बीते महीने तक महंगी सब्जियां अब एकाएक सस्ती हो गई हैं। बीते महीने आलू 20 रुपये से कम नहीं बिक रहा था, अब इसके दाम आधे से भी कम हो गए हैं। राजस्थानी प्याज भी इन दिनों पांच से सात रुपये किलो में बिक रही है। टमाटर 10 रुपये किलो पर बना हुआ है।

भाव कम होने के कारण गृहणियों की रसोई में सब्जियों की भरमार है। हालांकि सेक्टर और बाजारों में फुटकर सब्जी विक्रेता अभी भी मनमाने भाव में ही सब्जी बेचते हैं। मंडी में प्याज राजस्थान और नासिक से आ रही है। जबकि आलू की आवक उत्तर-प्रदेश के इलाकों से भरपूर है। कारोबारियों के मुताबिक इस बार सब्जियों का उत्पादन भरपूर हुआ है, इसलिए मंडी में सब्जियों के भाव कम हो गए हैं। कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों सब्जी उत्पादन तो अधिक होता ही है, लेकिन शहर में खपत भी बढ़ जाती है। शहर में आलू-प्याज की खपत करीब पांच हजार कुंटल प्रतिदिन है।

– क्या कहते है आढ़ती
सर्दियों के मौसम में मंडी में सब्जियों की आवक भरपूर है, इसलिए सब्जियों के भाव कम हैं। ठंड बढ़ेगी तो आवक पर असर होगा। आवक कम होगी तो भाव में मामूली उछाल आ सकता है, लेकिन उम्मीद है अधिक भाव नहीं बढ़ेंगे।- राजू आढ़ती, डबुआ सब्जी मंडी।

– क्या कहते है लोग
गृहणी सुशीला का कहना है कि मंडी में सब्जियों के भाव कम हुए है। आज हम दो से अधिक सब्जियां खरीद सकते है। सब्जियों के भाव तो नहीं बढऩे चाहिए। सब्जी तो गरीब अमीर सभी के लिए आवश्यक है। हरी सब्जियों के साथ आलू-प्याज के भाव भी बजट में हैं।

– इन सब्जियों के बढ़े दाम
जहां हरी सब्जियों के दाम में गिरावट आई है तो वहीं कुछ सब्जियों के दामों में अब भी तेजी देखी जा रही है। महंगी हुई सब्जियों की बात करें तो इनमें भिंडी और लौकी शामिल है। गर्मियों की फसल होने की वजह से भिंडी की कीमत अब 80 रुपये हो गई है। वहीं लौकी की कीमत 25 से बढक़र 35 रुपये हो गई है।

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