मेयर साहिबा दावे से कहिए कि आप दलित हैं?

Faridabad/Atulya Loktantra : सोमवार को निगम सभागार में नगर निगम सदन की बैठक काफी हंगामेदार रही। सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड के मुद्दे को उठाया। इस दौरान पार्षद बैठक की समय सीमा तय करने पर जोर देते नजर आए। वहीं पार्षदों ने जब अपने वार्ड की समस्याएं रखी तो अधिकारी उन पर लीपापोती करते हुए जवाब देते नजर आए।

इस पर भी पार्षदों ने नाराजगी दिखाई। बैठक में अधिकारियों द्वारा पार्षदों के नंबर को ब्लैक लिस्ट करने से लेकर पार्षद की गैरमौजूदगी में उद्घाटन करने तक के मुद्दे ने जोर पकड़ा। वार्ड 28 के पार्षद नरेश नंबरदार ने अधिकारियों द्वारा सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक ही गली के लिए सरकार से दो बार पैसे अलॉट करवाए जा रहे है। जोकि सरकारी पैसे को दुप्रयोग है। वार्ड में बिना पार्षद की मौजूदगी में ही उद्घाटन किया जा रहा है, कैसी व्यवस्था है ये आपकी? ये तो सदन और पार्षद दोनों का अपमान है। उन्होंने भुडेना गांव की फाइल निकलवाने के लिए भी जोर देते हुए कहा कि 6 महीने बीत जाने के बाद भी फाईल नहीं निकाली गई है। अगर फाईल को निकलवाने के लिए उन्हे धरना भी देना पड़ा तो देंगे आप डेट बता दीजिए कि कब मुझे धरना देना है।

उन्होंने अपना बात रखते हुए कहा कि मेरी सभी पार्षदों से निवेदन है कि जितनी भी कमेटियां गठित हो चाहे वह नामांकन को लेकर या कोई भी कमेटी हो हर कमेटी के अंदर एक दलित पार्षद होना चाहिए। दलित पार्षदों के अधिकारों का हनन हो रहा है हमारा कोई राइट नहीं है क्या? इस पर वार्ड-13 की पार्षद सुमन भारती ने मेयर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मेयर साहिबा क्या आप दावे के साथ कह सकती है कि आप दलित हैं। इस पर सभी ने उनका विरोध किया, नरेश नंबरदार ने अपने मद्द पर उचित कार्यवाही की मांग की।

वहीं शहर में सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली चाइनीज कंपनी इको ग्रीन को हटाने पर नगर निगम सदन की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। समूचे सदन ने इको ग्रीन कंपनी को हटाने पर अपनी सहमति दी। सदन के रुख को देखते हुए आयुक्त मोहम्मद शाइन ने उनकी हां में हां मिलाते हुए कानूनी तरीके से इस कंपनी को हटाने पर अपनी सहमति दी। इस बीच सीनियर डिप्टी मेयर देवेंद्र गुर्जर एवं डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग ने इको ग्रीन कंपनी को हटाने पर 45 दिन का समय दिया। बैठक में मुख्य तौर पर फरीदाबाद में व्याप्त गंदगी पर पार्षदों में रोष दिखाई दिया।

महिला पार्षद ललिता यादव, जितेंद्र भडाना, राकेश भडाना, विकास भारद्वाज, संदीप भारद्वाज, अजय बैसला, गीता रक्षपाल ने मुख्य तौर पर सफाई व्यवस्था पर नाराजगी दिखाई। कमिश्नर मोहम्मद शाइन ने सदन में सुझाव दिया कि कर्मचारियों को प्रत्येक वार्ड में अनुपात के हिसाब से नियुक्त किया जाएगा। अभी तक समस्या यह है कि कई वार्डों में सफाई कर्मचारी अधिक हैं तो कईयों में बहुत कम, इस समस्या को सुलझाने के लिए एक कमेटी बना दी जाए वहीं इसका समाधान करें।

वहीं वार्ड नंबर-16 के पार्षद राकेश भडाना ने अरावली क्षेत्र में मरे हुए पशु फेंके जाने पर आपत्ति जताई तो पार्षद जितेंद्र भडाना ने कहा कि सफाई करने वाली कंपनी इको ग्रीन को पेमेंट का भुगतान पार्षदों की एनओसी के बाद ही किया जाए।

बैठक में डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग ने डिस्पोजल सफाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा यदि डिस्पोजल सही तरीके से साफ हो जाए तो सीवर समस्या समाप्त हो जाएगी। पार्षदों ने जब अपने वार्ड की समस्याएं रखी तो अधिकारी उन पर लीपापोती करते हुए जवाब देते रहे। इस पर भी पार्षदों में नाराजगी थी। पार्षद ललिता यादव और जयवीर खटाना ने बैठक का समय फिक्स करने पर जोर दिया। इन के सवाल पर मेयर सुमन बाला ने 45 दिनों बाद बैठक करने का आश्वासन दिया।

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