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Sunday, November 27, 2022
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सिल्वर जुबली समारोह में न जाने के लिए लालकृष्ण आडवाणी ने बताई यह वजह

New delhi/Atulyaloktantra News : भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी 15 दिसंबर को दिल्ली विधानसभा में आयोजित सिल्वर जुबली समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्हें इस कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर आमंत्रित किया गया था। दिल्ली विधानसभा सूत्रों ने बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ने समारोह में शामिल न होने की बात कह खेद प्रकट करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को सूचना भेजी है। आडवाणी की अनुपस्थिति में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चीफ गेस्ट होंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सम्मानीय अतिथि होंगे।

सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले लालकृष्ण आडवाणी ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में कहा था कि वे दिल्ली विधानसभा के सिल्वर जुबली समारोह में शामिल होंगे और सदन को संबोधित करेंगे। हालांकि, भाजपा सदस्यों ने कंफर्म किया कि आडवाली शनिवार को आयोजित इस समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे।

गोयल ने बताया कि भाजपा के सह-संस्थापकों में से एक आडवाणी को चीफ गेस्ट के तौर पर इसलिए चुना गया था क्योंकि उनके पास कोई राजनीतिक महत्व नहीं था। उन्होंने आगे कहा, वे सबसे वरिष्ठ राजनेताओं में से एक हैं। आज हमारे बीच सबसे अनुभवी लोगों में एक हैं। वे 1966-70 के बीच पूर्व दिल्ली मेट्रोपॉलिटन काउंसिल के पहले चेयरमैन थे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार अधिनियम के लागू होने के बाद 1993 में दिल्ली विधानसभा अस्तित्व में आया था। इससे पहले राजधानी में मेट्रोपॉलिटन काउंसिल थी।

विधानसभा अध्यक्ष ने उन अन्य नेताओं से भी संपर्क किया है जो या तो मेट्रोपॉलिटन काउंसिल या फिर विधानसभा का हिस्सा रहे हैं। इनमें असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, वरिष्ठ भाजपा नेता विजय मलहोत्रा भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, मुखी शनिवार को दिल्ली में मौजूद रहेंगे लेकिन सिल्वर जुबली समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और सुषमा स्वराज को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। सूत्रों ने बताया कि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये दोनों कार्यक्रम में शामिल होंगी या नहीं?

Deepak Sharma
Deepak Sharma
इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी । आज के वक्त की आवाज सोशल मीडिया के महत्व को समझते हुए ही ऑनलाईन न्यूज़ वेब चैनल/पोर्टल को उन्होंने आरंभ किया। दीपक कुमार शर्मा की शैक्षणिक योग्यता B. A,(राजनीति शास्त्र),MBA (मार्किटिंग), एवं वे मानव अधिकार (Human Rights) से भी स्नातकोत्तर हैं। दीपक शर्मा लेखन के क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय हैं। लेखन के साथ साथ वे समाजसेवा व राजनीति में भी सक्रिय रहे। मौजूदा समय में वे सिर्फ पत्रकारिता व समाजसेवी के तौर पर कार्य कर रहे हैं। अतुल्यलोकतंत्र मीडिया का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सरोकारों से परिपूर्ण पत्रकारिता है व उस दिशा में यह मीडिया हाउस कार्य कर रहा है। वैसे भविष्य को लेकर अतुल्यलोकतंत्र की कई योजनाएं हैं।

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