पुरानी पेंशन बहाल कर केजरीवाल ने खट्टर की बढ़ा दी मुश्किलें

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Chandigarh/Atulya Loktantra : हरियाणा में अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने में जुटे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब हरियाणा के कर्मचारियों में चर्चा का विषय बन गए हैं। दिल्ली में पुरानी पैंशन बहाल करने का प्रस्ताव तैयार कर केजरीवाल सरकार ने हरियाणा सरकार के लिए सिरदर्दी खड़ी कर दी है।

हालांकि दिल्ली के कर्मचारियों को पुरानी पैंशन का लाभ देना केंद्र सरकार के हाथों में है लेकिन केजरीवाल ने प्रस्ताव पारित करके हरियाणा सरकार की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं क्योंकि हरियाणा में पिछले करीब डेढ़ साल से सरकारी कर्मचारी पुरानी पैंशन की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार की तरफ से उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।

कर्मचारी संगठनों ने केजरीवाल सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। कर्मचारियों ने हाल ही में करनाल में सरकार के विरुद्ध रैली कर केजरीवाल को भी बुलाया था। इस उठा-पटक के बीच केजरीवाल ने दिल्ली में कर्मचारियों के लिए पुरानी पैंशन बहाली योजना को लागू करने का ऐलान करके बड़ा दांव खेल दिया है। दिल्ली तीन तरफ से हरियाणा से घिरा हुआ है। दिल्ली व हरियाणा के राजनीतिक घटनाक्रम आपस में मेल खाते हैं।

केजरीवाल ने सार्वजनिक मंच से यह घोषणा करने के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव पारित करके एल.जी. को भेज दिया है। अब यह मामला पूरी तरह से केंद्र सरकार के पाले में चला गया है क्योंकि पुरानी पैंशन बहाली के लिए राज्य सरकारों की सिफारिश पर केंद्र सरकार लोकसभा में विधेयक को संशोधित करके लागू करेगी। केजरीवाल ने सार्वजनिक मंच से यह ऐलान करके खुद को न केवल सेफ जोन में खड़ा कर लिया है बल्कि पड़ोसी राज्य हरियाणा की सत्तारूढ़ मनोहर सरकार के लिए भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस द्वारा कर्मचारी संगठनों की इस मांग का समर्थन तो किया जा रहा है लेकिन खुलकर उनके संघर्ष में सहयोग नहीं किया गया है।

‘आप’ कर्मचारियों के साथ : जयहिंद
‘आप’ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि पुरानी पैंशन योजना को लागू करना कर्मचारियों के हित में है। हरियाणा में आप की सरकार बनते ही इसे फौरी तौर पर लागू किया जाएगा।

केजरीवाल का फैसला स्वागत योग्य : लांबा
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य महासचिव सुभाष लांबा ने पुरानी पैंशन बहाल करने के दिल्ली सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह से हरियाणा सरकार को भी विधानसभा में बिल पास कर केंद्र सरकार के पास भेजना चाहिए।

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