पाकिस्तानी राजनयिक बोले, तक्षशिला प्राचीन पाकिस्तान में था, ट्विटर पर लगी क्लास

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New Delhi/Atulya Loktantra: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कई बार इतिहास से जुड़े गलत तथ्य बताकर अपनी फजीहत करा चुके हैं. अब वियतनाम में पाकिस्तान के राजदूत कमर अब्बास खोखर ने प्राचीन भारत की शान रहे तक्षशिला को ‘प्राचीन पाकिस्तान’ का हिस्सा बता दिया है. हालांकि, जिस अकाउंट से ट्वीट किया गया है, वो वेरिफाइड नहीं है लेकिन सोशल मीडिया पर ये ट्वीट तेजी से वायरल हो गया है.

तक्षशिला विश्वविद्यालय को प्राचीन पाकिस्तान का बताने पर सोशल मीडिया पर खोखर की क्लास लग गई. खोखर ने ट्वीट किया, “तक्षशिला विश्वविद्यालय का एरियल व्यू फिर से बनाया गया है. तक्षशिला 2700 साल पहले प्राचीन पाकिस्तान में आज के इस्लामाबाद के नजदीक स्थित थी. 16 देशों से 64 अलग-अलग विषयों की पढ़ाई करने 10,500 से ज्यादा छात्र यहां आते थे. यहीं पाणिनि जैसे विद्वानों ने भी पढ़ाई की थी.”

पाकिस्तानी राजनयिक ने इसके बाद दुनिया के पहले भाषाविद् पाणिनि और अर्थशास्त्र के लेखक चाणक्य को ‘प्राचीन पाकिस्तान’ का बेटे भी करार दे दिया. खोखर ने दो वीडियो भी पोस्ट किए जिनमें ऐसे ही तमाम फर्जी दावे किए गए थे.

सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी राजनयिक के इस दावे की हवा निकालने में लोगों ने देर नहीं लगाई. यहां तक कि #ancientpakistan ट्विटर पर टॉप ट्रेंड करने लगा. प्रियराज नाम के एक यूजर ने लिखा, 14-15 अगस्त से पहले कोई पाकिस्तान था ही नहीं. इसलिए पाकिस्तान के प्राचीन इतिहास का तो कोई सवाल ही नहीं उठता है. विकीपीडिया पर ही एक बार सर्च कर लीजिए तो पता चल जाएगा कि तक्षशिला मौर्य साम्राज्य में ज्ञान का केंद्र हुआ करता था.

वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘प्राचीन पाकिस्तान? पाकिस्तान का अस्तित्व 2700 साल पहले था? एक बात और कि पाणिनि संस्कृत के विद्वान थे. आप जो बता रहे हैं, वो प्राचीन भारत का इतिहास है. आपका इतिहास 1947 से पहले का नहीं है. इस्लाम भी 1400 साल पहले आया. तक्षशिला 2700 साल पहले मौजूद थी, आपने कहां चूक कर दी?’

हालांकि, पाकिस्तान के स्कूलों में भी इतिहास से जुड़े कई गलत तथ्य पढ़ाए जाते हैं, ऐसे में पाकिस्तानी राजदूत का इतिहास-बोध कोई बहुत हैरान करने वाला नहीं है.

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