हाडक़पाती ठंड में किसानों के खिले चेहरे

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Faridabad/AtulyaLoktantra : दिल्ली-एनसीआर में जहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं मंगलवार सुबह हल्का कोहरा छाया रहा, सोमवार के मुकाबले क्रिसमस पर ठंड से थोड़ी रहात जरूर मिली। मौसम विभाग के मुताबिक, नए साल की दस्तक तक इसी तरह से दिल्ली और आस-पास के इलाकों में ठंड का कहर जारी रहेगा। उधर, कोहरे की वजह से ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ रहा है। कई ट्रेनें दो महीने के लिए पहले से ही रद हैं तो ज्यादातर ट्रेनें कोहरे के चलते देरी से चल रही हैं।

वहीं, सडक़ों पर भी कोहरे की वजह से यातायात प्रभावित हो रहा है। वाहन बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। 24 दिसंबर को कोहरा घना रहा है। इसके बाद कोहरा कुछ दिन तक बना रहेगा। अभिभावकों को भी अब ङ्क्षचता सताने लगी है कि उनके नौनिहाल सुबह जल्द उठकर कड़ाके की ठंड में स्कूल कैसे जाएंगे। वैसे फिलहाल उन्हें एक दिन की राहत तो मिली है, क्योंकि मंगलवार को क्रिसमस की छुट्टी है।

ठंड ने खत्म की किसानों की ङ्क्षचता
ठंड जहां आम लोगों के लिए ङ्क्षचता का विषय है, वहीं किसानों के लिए राहत वाली बात है। ठंड बढऩे से गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा लाभ होगा। ठंड से गेहूं का बढऩा रुक गया है और फुटाव शुरू हो गया। किसानों ने ठंड बढऩे के बाद गेहूं की फसल में यूरिया खाद डाल कर ङ्क्षसचाई करनी शुरू कर दी है। अब गेहूं की फसल के लिए कम से कम दो महीने तक ज्यादा से ज्यादा ठंड की जरूरत है। ठंड के पडऩे से गेहूं की फसल अच्छी होगी।

पाला गेहूं और शीत लहर में गेहूं की फसल का रंग बदल जाता है। किसान सर्दी बढऩे से सबसे ज्यादा खुश हैं। कोहरा भी हल्का पानी होता है। इससे भी गेहूं को लाभ होता है, लेकिन सरसों की फसल को ज्यादा कोहरा और पाला पडऩे से नुकसान होने का खतरा रहता है। फिलहाल सरसों में कोई नुकसान नहीं है।

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