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Friday, November 25, 2022
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स्कूल में दखल को लेकर AAP और चुनाव आयोग आमने-सामने

New Delhi/Atulya Loktantra : दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और चुनाव आयोग इन दिनों एक मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल दिल्ली सरकार ने डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन (DoE) को निर्देश देकर स्कूलों के छात्रों और उनके परिवारों का डाटा कलेक्ट करने को कहा है। जिसकी शिकायत चुनाव आयोग को मिली तो चुनाव आयोग ने इसे गैरकानूनी बताते हुए इस प्रक्रिया को बंद करने को कहा है।

लेकिन दिल्ली सरकार में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इससे इंकार कर दिया है और चुनाव आयोग को लिखे एक खत में कहा है कि यह उसके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। जब इस बारे में मनीष सिसोदिया से संपर्क करने की कोशिश की तो उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आयी है। वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग उसके आदेश की अवहेलना को लेकर जल्द ही बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा कर सकता है।

बता दें कि बीते सितंबर में दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सभी स्कूलों को, जिनमें पब्लिक और प्राइवेट शामिल हैं, सभी छात्रों, उनके परिजनों और रिश्तेदारों का डाटा कलेक्ट करने का निर्देश दिया था। इस डाटा के तहत मोबाइल नंबर, वोटर आईडी और एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के कागजात आदि की जानकारी ली जा रही है। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि “यह डाटा इस बात का पता लगाने के लिए एकत्र किया जा रहा है कि दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों में से कितने दिल्ली में रहते हैं। सरकार का कहना है कि छात्रों का डाटा बैंक एकत्र कर उनके रेजीडेंशियल एड्रेस की पुष्टि की जाएगी। साथ ही इसकी मदद से विभिन्न लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म परियोजनाएं बनाने में भी मदद मिलेगी।”

हालांकि दिल्ली सरकार के इस कदम की विपक्षी पार्टियों और कुछ सामाजिक संगठनों ने आलोचना की है और इसे ‘निजता का उल्लंघन करार दिया है। उल्लेखनीय है कि यह मामला फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में है। शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने भी इस पर आपत्ति जतायी है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि वोटरों का वोटर आईडी से संबंधित जानकारी इकट्ठा करने का अधिकार सिर्फ चुनाव आयोग को है। कोई तीसरा पक्ष ऐसा नहीं कर सकता है। दिल्ली सरकार जो कर रही है, उसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। वहीं चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद मनीष सिसोदिया ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन के काम में दखल देने का अधिकार चुनाव आयोग को नहीं है। खासकर जब राज्य में चुनाव ना हो रहे हों।

Deepak Sharma
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इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी । आज के वक्त की आवाज सोशल मीडिया के महत्व को समझते हुए ही ऑनलाईन न्यूज़ वेब चैनल/पोर्टल को उन्होंने आरंभ किया। दीपक कुमार शर्मा की शैक्षणिक योग्यता B. A,(राजनीति शास्त्र),MBA (मार्किटिंग), एवं वे मानव अधिकार (Human Rights) से भी स्नातकोत्तर हैं। दीपक शर्मा लेखन के क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय हैं। लेखन के साथ साथ वे समाजसेवा व राजनीति में भी सक्रिय रहे। मौजूदा समय में वे सिर्फ पत्रकारिता व समाजसेवी के तौर पर कार्य कर रहे हैं। अतुल्यलोकतंत्र मीडिया का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सरोकारों से परिपूर्ण पत्रकारिता है व उस दिशा में यह मीडिया हाउस कार्य कर रहा है। वैसे भविष्य को लेकर अतुल्यलोकतंत्र की कई योजनाएं हैं।

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