निजी हॉस्पिटल की लापरवाही ने ली मरीज की जान

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Faridabad/Atulya Loktantra : निजी अस्पताल शुरू से ही संदेह के घेरे में रहे हैं, निजी अस्पतालों पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। एक बार फिर से फरीदाबाद शहर का एक निजी अस्पताल सवालों के घेरे में आ खड़ा हुआ है। जहां डॉक्टरों की लापरवाही ने एक मरीज की जान ले ली और मोटा बिल बनाने के चक्कर में मृतक व्यक्ति को ऑक्सीजन लगाया जा रहा है। परिजनों के विरोध करने पर तब कहीं जाकर मशीन और ऑक्सीजन को बंद किया गया। यह मामला सैक्टर-10 के पार्क हॉस्पिटल का है।

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जहां दिल्ली के रहने वाले मनोज भट्ट नामक व्यक्ति को नीमोनिया की शिकायत होने पर दिल्ली के पार्क हॉस्पिटल से रैफर करके फरीदाबाद के पार्क हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। जहां ईलाज में लापरवाही के कारण मरीज की मौत हो गई। यह आरोप मनोज की बेटी ज्योति भट्ट ने अस्पताल पर लगाया है साथ ही उन्होंने लापरवाही की वीडियों भी बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया है और यह वीडियों तेजी से लोगों के बीच वायरल हो रही है। वीडियो में ज्योति बोल रही हैं डॉक्टर की लापरवाही के कारण मेरे पिता की जान गई है, मृत व्यक्ति को भी ऑक्सीजन लगाया हुआ है।

जब मैं डॉक्टरों से ऑक्सीजन को हटाने के लिए कह रही हूं तो लापरवाही की जा रही है ताकि वह तगड़ा बिल बना सके। ज्योति का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों से नाजायज पैसे वसूले जा रहे हैं उनका कहना है कि ऑक्सीजन उनसे पूछ कर नहीं लगाया गया लेकिन हटाने के लिए देरी क्यों हो रही है। हम आपको बता दें निजी अस्पतालों में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी अस्पतालों में मरीज लापरवाही की भेंट चढ़ते रहे। आम आदमी को निजी अस्पताल लूट रहे हैं तो सरकारी अस्पतालों की हालात इससे भी बुरा है, ऐसे में गरीब इंसान जाए तो कहां जाए।

– क्या कहती है पुलिस
मनोज को निमोनिया की शिकायत थी जिसके चलते उन्हें पार्क अस्पताल में 1 तारीख को भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान अगले ही दिन उनकी मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है शिकायत पीएमओ को दी है, उन्होंने बताया कि जो बयान अंकित करवाए गए हैं उसके हिसाब से कार्यवाही की जा रही है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। मृतक के परिवार ने एक कंप्लेंट सीएमओ को अलग से दी हुई है, जो मेडिकल ऑफिसर अपनी कमेटी गठित करके जिस तरह की भी बातें सामने आऐंगी, वह पुलिस को अवगत कराई जाएगी, जिसकी रिपोर्ट आने पर ही पुलिस आगे कार्यवाही करेगी।
प्रदीप कुमार, जांच अधिकारी, हरियाणा पुलिस।

– क्या कहना है निजी अस्पताल के एम.डी.का
अस्पताल के एम.डी. की माने तो मनोज का इलाज अच्छे से किया गया, अस्पताल में डॉक्टरों की तरफ से कोई लापरवाही नहीं की गई। यह आरोप भी गलत है कि मरीज के मरने के बाद ऑक्सीजन लगाई गई। उनका कहना है कि मरीज के परिजनों को दिन में तीन बार काउंसलिंग भी की गई है और उस काउंसलिंग में मरीज की हालत के बारे में समझाया गया।
– पीएस यादव, एम.डी., पार्क हॉस्पिटल फरीदाबाद।

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