पतंजलि ने रुचि सोया के लिए अडानी की बोली पर जताई आपत्ति

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Patanjali expressed objection to Adani's bid for interest soya
Patanjali expressed objection to Adani's bid for interest soya

NewDelhi/AtulyaloktantraNews: रुचि सोया के लिए अडानी की बोली पर ऋणशोधन अक्षमता व दिवाला की प्रक्रियाओं के तहत संकट के बादल छा गए हैं क्योंकि योग गुरु रामदेव द्वारा स्थापित पतंजलि आयुर्वेद ने साखदाताओं की समिति (सीओसी) को पत्र लिखकर रुचि सोया के लिए अडानी विल्मर की पात्रता पर चिंता जाहिर की है। पतंजलि के प्रवक्ता एस. के. तिजारावाला ने कहा, ‘‘हमने रुचि सोया के संबंध में 10 और 11 जून को सीओसी को पत्र लिखे हैं। लेकिन हमें अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।’’बताया गया कि पतंजलि ने पत्र में ऋणशोधन अक्षमता और दिवाला संहिता की धारा 29 के तहत मसलों का जिक्र किया है।

रुचि सोया न्यूज़ अपडेट

इस बीच ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीओसी में शामिल ऋणदाताओं की हाल ही में बैठक हुई जिसमें दोनों कंपनियों की बोलियों और ऋणशोधन में अक्षम कंपनी के लिए संबंधित समाधान की योजनाओं पर विचार किया गया। धारा 29ए के अनुसार, ऋण शोधन में अक्षम कंपनी को निर्धारित पात्रता की शर्तें पूरी करनी होती है। इसका मतलब यह है कि अगर प्रमोटर कर्ज संकट से जूझ रही किसी दूसरी कंपनी से जुड़ा हो तो बोलीदाता को कॉरपोरेट ऋणशोधन अक्षमता समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के तहत समाधान योजना का प्रस्ताव पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

रुचि सोया न्यूज़ अपडेट: रुचि सोया को सीआईआरपी के तहत दिसंबर 2017 में दाखिल किया गया था। रुचि सोया के पास न्यूूट्रेला, महाकोश, सनरिच, रुचि स्टार और रुचि गोल्ड जैसे ब्रांड हैं। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय साख दाताओं ने करीब 104 अरब रुपये का दावा ठोका है। साथ ही संचालक साखदाताओं ने भी 36 करोड़ रुपये का दावा ठोका है।

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